राम मंदिर निर्माण के लिए मांगी जा रहीं तांबे की पत्तियां

राम मंदिर निर्माण के लिए मांगी जा रहीं तांबे की पत्तियां

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अयोध्या ।  में राम मंदिर का तेजी से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मंदिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को लेकर भी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। गुरुवार को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मंदिर निर्माण को लेकर एक बैठक हुई। बैठक में मंदिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए किन पत्तियों का उपयोग होगा इस पर बातचीत की गई। बताया गया कि तांबे की पत्तियों के उपयोग से पत्थरों को जोड़ा जाएगा।

बैठक में बताया गया कि मंदिर निर्माण के लिए 18 इंच लंबी, तीन एमएम गहरी, 30 एमएम चौड़ी 10 हजार पत्तियों की आवश्यकता होगी। तीर्थ क्षेत्र ने तांबे की पत्तियां दान करने के लिए रामभक्तों से आह्वान भी किया है। बैठक में कहा गया कि तांबे की पत्तियों पर दानकर्ता अपने परिवार, क्षेत्र अथवा मंदिरों के नाम गुदवा सकते हैं। इस प्रकार से ये तांबे न केवल देश की एकात्मता का अभूतपूर्व उदाहरण बनेंगी साथ ही मंदिर निर्माण में संपूर्ण राष्ट्र के योगदान का प्रमाण भी देंगी। बैठक की अध्यक्ष्ता नृपेन्द्र मिश्र ने की। इसके अलावा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।

1200 स्तभों पर खड़ा होगा राम मंदिर का ढांचा

राम जन्मभूमि में विराजमान रामलला का मंदिर 12 सौ खंभों पर खड़ा किया जाएगा। मंदिर एक हजार साल तक रहे, ऐसी योजना बनायी जा रही है। नींव को डेढ़ हजार साल सुरक्षित रखने की तकनीक अपनायी जा रही है। मंदिर नर्मिाण की कार्यदाई संस्था लार्सन एण्ड टुब्रो  इसके लिए सेंट्रल बल्डिगिं रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) व आईआईटी, चेन्नई के विशेषज्ञों की मदद ले रही है।  राम मंदिर का क्षेत्रफल ढाई से तीन एकड़ में होगा।

रामलला के दर्शनार्थी देख सकेंगे मंदिर नर्मिाण कार्य

रामजन्मभूमि में समतलीकरण के कार्य के दौरान पूरे कार्यस्थल को चारों ओर से ढंक दिया गया था लेकिन अब से रामलला के दर्शनार्थियों को मंदिर नर्मिाण की प्रगति को दिखाने की व्यवस्था की जाएगी। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में ही एक ऐसा स्थान तय करने की तैयारी में है जहां से श्रद्धालु मंदिर नर्मिाण कार्य को सुविधाजनक ढंग से देख सकेगा। ट्रस्ट का मानना है कि लाखों रामभक्तों ने सदियों तक मंदिर की लड़ाई लड़ी है, इसलिए मंदिर देखने की अदम्य इच्छा प्रत्येक के मन में है। वह नर्मिाण कार्य देखकर तृप्त होंगे।

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