केरल में सबसे ज्यादा टीकाकरण फिर भी हालात बदतर,इस गलती की वजह से फैल रहा संक्रमण

Covid Help देश मुख्य समाचार लाइव खबरें

केरल के जिम्मेदार अधिकारियों और सरकार की लापरवाहियों की वजह से आज पूरे देश में इस राज्य में कोविड के सबसे बदहाल हालात हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक केरल में न तो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हो रही है और न ही लोगों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है। इसके अलावा जिन इलाकों में कोविड के मामले सामने आ रहे हैं वहां पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी नहीं बनाया जा रहा है। यही वजह है कि केरल में कोरोना के लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं।
केरल में लगातार बढ़ रहे कोविड के मामलों की जांच करने गई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम को राज्य में बहुत सी लापरवाही मिली हैं। जिसके चलते ही राज्य में कोविड संक्रमण का प्रसार बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि राज्य में बीते कुछ दिनों के त्योहार से हालात बहुत ज्यादा बिगड़े। बकरीद और ओणम के बाद मामले बहुत ज्यादा बढ़ने शुरू हुए। जांच करने गयी टीम के सदस्यों का कहना है कि राज्य में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग न के बराबर हो रही है। जबकि कोरोना संक्रमित पाए गए लोगों को होम क्वारंटीन करने में भी जबरदस्त लापरवाही बरती जा रही हैं।

Read more: Taliban:तालिबान से चिंता तो है,लेकिन ये नया भारत है

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मुताबिक इस वजह से राज्य में संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर संक्रमण पर काबू किया जाता है लेकिन केरल में माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी न के बराबर ही बनाए जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने केरल को सलाह दी है की जल्द से जल्द इन तीन बातों पर अपनी पकड़ मजबूत करें। अगर राज्य सरकार और जिम्मेदार अधिकारी ऐसा नहीं करते हैं, तो आने वाले दिनों में स्थितियां और ज्यादा भयावह हो सकती हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि देश में सबसे ज्यादा हालात इस साल होली के बाद बिगड़ने शुरू हुए थे। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान की जाने वाली लापरवाही बाद में भयानक रूप ले लेती है। उनका कहना है केरल में इन दिनों जितने मामले रोज आ रहे हैं वह बेहद चिंताजनक हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक तकरीबन साढ़े तीन करोड़ की आबादी वाले केरल में इस वक्त तकरीबन दो करोड़ लोगों को टीकों की खुराक दी जा चुकी है, जो देश में सबसे ज्यादा है। बावजूद इसके कोरोना का प्रसार होना आला दर्जे की लापरवाही बताता है।

Read more: कोरोना: फिर बेकाबू हुआ कोरोना बीते 24 घंटे में 44 हजार नए मामले, केरल-महाराष्ट्र में फिर बढ़ने लगे केस

केरल में बिगड़े हालातों का जायजा लेने गई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के मुताबिक इस राज्य में जितने भी मामले सामने आ रहे हैं वह सब डेल्टा वैरिएंट के ही हैं। नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी कमेंटी ऑन इम्यूनाइजेशन के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोड़ा कहते हैं कि कोविड के मामले तो निश्चित तौर पर केरल में ज्यादा हैं, लेकिन कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। यह राहत भरी बात है। उनका कहना है जब तक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, माइक्रो कंटेनमेंट जोन और होम क्वारंटीन जैसी व्यवस्था को सक्रियता से लागू नहीं किया जाएगा तब तक हालात पर काबू पाना थोड़ा मुश्किल है। वह कहते हैं इस मामले में राज्य सरकार को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। अगले एक सप्ताह बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम फिर से केरल का दौरा करेगी और उन सभी पॉइंट्स को चेक किया जाएगा जिसके लिए राज्य को ताकीद किया गया है।

डॉक्टर एनके अरोड़ा का कहना है कि केरल में उन लोगों को सबसे ज्यादा संक्रमण हो रहा है जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है। उनका कहना है की सीरो सर्वे के मुताबिक उत्तर भारत में तकरीबन 80 फीसदी लोगों में या तो संक्रमित होने की वजह से एंटीबॉडीज बन चुकी हैं या फिर टीका लगने की वजह से। यही वजह है कि फिलहाल उत्तर भारत में कोई बड़ा खतरा नजर नहीं आ रहा है। लेकिन डॉक्टर अरोड़ा का कहना है कि आने वाले लंबे वक्त तक हमें कोविड प्रोटोकोल का पालन करना ही होगा। क्योंकि जरा सी लापरवाही हमको फिर से गंभीरता की ओर धकेल देगी।

Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *