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Smriti Mishra: मुंशी जी... इतना खुश हूं कि चाहो तो इस्तीफे पर करवा लो हस्ताक्षर; DSP की बेटी बनीं आईएएस

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दोपहर करीब डेढ़ बजे थे। सीओ राजकुमार मिश्रा की बेटी स्मृति ने वीडियो कॉल करके पिता को बताया कि उन्हें यूपीएससी के परिणाम में चौथी रैंक मिली है। वीडियो कॉल पर एक तरफ स्मृति और उनकी मां अनीता मिश्रा थीं तो दूसरी ओर राजकुमार मिश्रा। यूपीएससी के परिणाम में बेटी की चौथी रैंक आने की सूचना सीओ (द्वितीय) राजकुमार मिश्रा को मंगलवार दोपहर उस वक्त मिली जब वह एसएसपी कार्यालय में फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे। खुशी में वह कुर्सी से उछल पड़े। फोन पर बात करते हुए वे कभी भावुक होते तो कभी अचानक बेअंदाज हो जाते। कोई समझ नहीं पा रहा था कि सीओ साहब को अचानक हुआ क्या? बातचीत के दौरान कोई फाइलों पर हस्ताक्षर कराने आया तो बोल पड़े, मुशी जी... इतना खुश हूं कि चाहो तो आज इस्तीफे पर हस्ताक्षर करवा लो। दोपहर करीब डेढ़ बजे थे। सीओ की बेटी स्मृति ने वीडियो कॉल करके पिता को बताया कि उन्हें चौथी रैंक मिली है। वीडियो कॉल पर एक तरफ स्मृति और उनकी मां अनीता मिश्रा थीं। दूसरी ओर राजकुमार मिश्रा। कार्यालय में सामने बैठे सीओ लाइन व थोड़े अंतर पर बैठे पत्रकार शुरू में समझ ही नहीं पाए कि माजरा क्या है? दोनों ओर से खुशी और उत्साह मिश्रित तेज आवाजें थीं। दिल खोलकर हंसे जा रहे थे। इधर, सीओ कुर्सी से लगभग उछलते हुए मेज पर हाथ पटक रहे थे। करीब दो मिनट बाद उन्होंने ही कक्ष में बैठे लोगों को अवगत कराया कि उनकी बेटी आईएएस बन गई है। चौथी रैंक मिली है। इस पर सभी लोगों ने उन्हें बधाई दी। खुशी इतनी कि मन में न समाई, पानी पिलाकर कराए गए शांत हालांकि उनकी खुशी का अतिरेक देखकर सीओ लाइन बैजनाथ प्रसाद ने तत्काल स्टाफ से ठंडा पानी मंगवाकर उन्हें पिलाया। कुछ संयत हुए सीओ राजकुमार मिश्रा ने सीओ लाइन से कहा कि आप चिंता न करें, मुझे कुछ नहीं होगा। सैनिक स्कूल में पढ़ाई की है। जीवन में हर तरह की स्थिति देखी है। सीओ मिश्रा बेटी की सफलता की खुशी साझा कर ही रहे थे कि मुंशी राजीव कुमार कुछ फाइलों पर दस्तखत कराने आ गए। इस पर सीओ ने कहा कि आज बहुत खुश हूं। चाहो तो इस्तीफे पर भी दस्तखत करा लो। तब मुंशी ने मुस्कुराकर जवाब दिया कि कुछ दिन बाद पेंशन पर ही कराएंगे मां ने समझा, नई एसी में फाल्ट हो गया राजकुमार मिश्रा से वीडियो कॉल पर बात कर रहीं उनकी पत्नी अनीता मिश्रा ने बताया कि रिजल्ट स्मृति ने ही सबसे पहले देखा। वह खुशी से चिल्लाई तो वे दूसरे कमरे में थीं। वे घबरा गईं कि शायद नई एसी में फाल्ट से आग लग गई है। वह दौड़ते हुए दूसरे कमरे में आईं तो वहां स्मृति ने उन्हें इस सफलता की जानकारी दी। सीओ बोले- दोनों बच्चों ने किया नाम रोशन, यही जमापूंजी सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि वह लोग भले ही प्रयागराज के निवासी रहे पर नौकरी के साथ बच्चों की शिक्षा का स्थान बदलता रहा। बेटी की बारहवीं तक की पढ़ाई आगरा से हुई। फिर वह दिल्ली के प्रतिष्ठित मिरिंडा कॉलेज से लाइफ साइंस में बीएससी की टॉपर रही। बेटी इस समय दिल्ली के ही सीएलसी कॉलेज से एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा है। 31 मई को आखिरी पेपर है। इस तरह उसके पास प्रतिष्ठित कॉलेज की विधि स्नातक की डिग्री भी रहेगी। बेटा लोकेश मिश्रा एनडीए की टॉपर सूची में था पर अंगुली टेड़ी होने की वजह से चयन से रह गया। उसने पांच साल का विधि का कोर्स किया। अब वह दिल्ली हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहा है। अगले साल अगस्त में रिटायर होंगे राजकुमार मिश्रा सीओ राजकुमार मिश्रा करीब डेढ़ साल से जिले में हैं। वह पहले फरीदपुर और फिर मीरगंज में सीओ रह चुके हैं। वर्ष 1989 में दरोगा भर्ती हुए थे। वह 2013 में इंस्पेक्टर और फिर 2021 में सीओ बने। अगले साल अगस्त में वह रिटायर हो जाएंगे। पत्नी अनीता मिश्रा ने ही बच्चों की पढ़ाई और परिवार पर ध्यान दिया। रिटायरमेंट के बाद अब वह परिवार के साथ वक्त गुजारेंगे। पुजारी ने पटका पहनाकर दिया प्रसाद राजकुमार मिश्रा मुजफ्फरनगर जिले में तैनाती के दौरान शुक्रताल धाम जाते थे। वहां के पुजारी अचल मिश्रा कथावाचक भी हैं और मीरगंज क्षेत्र में कथा करने आए हैं। मंगलवार को पुजारी अपने धाम की मिठाई व अंगवस्त्र लेकर सीओ से मिलने आए। उन्हें पटका पहनाकर प्रसाद खिलाया। इसके पांच मिनट बाद ही सीओ को बेटी की कॉल आ गई।