मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी जी ने दिए निर्देश, इंसेफलाइटिस से निपटने के लिए एलर्ट रहें विभाग

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योगी जी ने आशा बहू,आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों,एएनएम, ग्राम प्रधानों को इंसेफलाइटिस से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक

मुख्यमंत्री योगी जी ने आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, एएनएम, ग्राम प्रधानों को इंसेफलाइटिस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी देने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून आने की संभावना को देखते हुए मौसमी और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी विभागों को एलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के पुख्ता इंतजाम किये जाएं। सभी अस्पतालों में इंसेफलाइटिस, डेंगू, मलेरिया जैसी अन्य मच्छर जनित बीमारियों की जांच की व्यवस्था की जाए। जिससे संचारी रोगों का पूर्ण रूप खात्मा यूपी में किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को वर्चुअल बैठक में कहा कि सभी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था की जाए। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सर्विलांस को और बेहतर किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ ग्राम्य विकास विभाग, बाल विकास पुष्टाहार आदि विभागों से एक्टिव रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम शुरू हो रहा है। इस समय इंसेफलाइटिस जैसी जल जनित बीमारियों के फैलने का खतरा है। इसलिए इस बीमारी से बचाव और रोकथाम के काम करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, एएनएम, ग्राम प्रधानों को इंसेफलाइटिस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी देने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग की निरंतर कार्रवाई से इंसेफलाइटिस सहित अन्य संक्रामक बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिएसभी ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में लगातर इसका ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए प्रतिदिन लगभग तीन लाख कोविड टेस्ट किए जाएं। कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कम से कम 12 से 15 संपर्क में आने वालों की की जांच जरूर की जाए। सामुदायिक, प्राथमिक, उपकेंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उन्होंने डॉक्टर सहित पूरी मैनपॉव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। चिकित्सकीय उपकरणों को क्रियाशील रखने और सभी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टॉक रजिस्टर रखा जाए। इन रजिस्टर में सभी उपकरणों और ऑक्सीजन कंसंटे्रटर की एंट्री की जाए। उन्हें बताया गया कि विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में कुल 60 बेड बढ़ाए गए हैं।

पीआईसीयू और एनआईसीयू के 100 बेड के अलावा होल्डिंग एरिया के लिए 10 अतिरिक्त बेड भी तैयार किए जा रहे हैं। बेड की स्थापना के लिए 20 जून की समय सीमा निर्धारित की गई है। अब तक 05 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और एक निजी मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू और एनआईसीयू का कार्य पूरा हो गया है। प्रदेश में बीते 24 घंटों में 332 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। आपात स्थिति में उपयोग के लिए मोदीनगर में लगभग एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन संग्रह की व्यवस्था की गई है।

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