April 9, 2020

ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता क्रेज रिटेलरों के लिए बना खतरा

ट्रेंड से बाजार के होलसेलरों और रिटेलरों को लग रही चपत

ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लोगों में तेजी से बढ़ रहा है। खासकर युवा ऑनलाइन शॉपिंग को ही तवज्जो दे रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि एक तो ग्राहक अपने मोबाइल से ही वस्तु को चुनकर उसका आर्डर भेज देता है। दूसरा उसे 10 से 15 फीसद तक डिस्काउंट भी मिल जाता है। तीसरा उसे कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ती और समय भी बचता है। इस ट्रेंड से बाजार के होलसेलरों और रिटेलरों को चपत लग रही है।
ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता क्रेज मार्केट रिटेलरों के कारोबार को खत्म करता जा रहा है। इससे परेशान पंजाब सुपर डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सुझाव दिए हैं। साथ ही आग्रह किया है कि इस संबंध में जनरल रिटेलर के हितों को ध्यान में रख कर नीति बनाई जाए।
कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल देश में 10 फीसद खुदरा बाजार संगठित क्षेत्र में और 90 फीसद असंगठित क्षेत्र में है। ऑनलाइन शॉपिंग की हिस्सेदारी तीन से चार फीसद है। माना जा रहा है कि वर्ष 2025 तक यह हिस्सेदारी बढ़कर 10 फीसद हो जाएगी। इस बढ़ते बाजार को लेकर जनरल रिटेलरों को अपनी हिस्सेदारी बचाने की राह नहीं मिल रही है। रिटेलरों का तर्क है कि जनरल डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम में बड़ी कंपनियों को करीब 10 फीसद एवं छोटी कंपनियों को 20 फीसद तक सेल्स टीम का खर्च पड़ता है जबकि ऑनलाइन रिटेलिंग साइट्स का यह खर्च बचता है और वे ग्राहक को ज्यादा डिस्काउंट आफर करते हैं।


पंजाब में करीब पांच सौ सुपर डिस्ट्रिब्यूटर्स और दस हजार से अधिक डिस्ट्रिब्यूटर्स हैं, जो बाजार में उत्पादों की सप्लाई चैन को चलाते हैं। पंजाब सुपर डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक धीर का कहना है कि ऑनलाइन रिटेलिंग से डिस्ट्रिब्यूशन लाइन बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। अभी बाजार में बैठे रिटेलर एवं ऑनलाइन शॉपिंग के दाम में औसतन 10 से 15 फीसद तक का गैप है। इसी के चलते ग्राहक ऑनलाइन को ज्यादा तवज्जो दे रहा है। इसके अलावा मॉडर्न ट्रेड मसलन बिग बाजार, रिलायंस, ईजी डे, बेस्ट प्राइज इत्यादि भी जनरल रिटेलर की जड़े हिला रहे हैं। ये भी ग्राहकों को सस्ता माल बेचते हैं। इसके अलावा सीएसडी कैंटीन का भी दुरुपयोग हो रहा है। गलत लोग वहां से भी सस्ता सामान निकाल कर मार्केट में बेच रहे हैं। इससे भी रिटेलर का मार्जन टूट रहा है। धीर का दावा है कि पिछले करीब तीन साल में जनरल ट्रेडर के कारोबार में 25 फीसद की कमी आई है।
पंजाब सुपर डिस्ट्रिब्यूटर्स के स्टेट प्रेसिडेंट परवीन कुमार का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग से हो रहे खतरे को देखते हुए एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के अलावा बड़ी कंपनियों को मेल किया है। कंपनियों से आग्रह किया गया है कि ऑनलाइन ट्रेड एवं ऑफलाइन ट्रेड के लिए उत्पादों की पैकिंग में फर्क किया जाए। पैकिंग की डिजाइनिंग को बदला जाए। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑनलाइन ट्रेड एवं ऑफलाइन ट्रेड के उत्पादों की कीमतों में केवल पांच फीसद का अंतर रहे। तभी खुदरा बाजार प्रतिस्पर्धा का मुकाबला कर पाएगा।

 

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