April 9, 2020

कुलदेवता की पूजा करते समय इन बातों रखें ध्यान

नई दिल्ली। हर परिवार के एक कुलदेवता होते हैं। इनकी पूजा खास मौकों पर की जाती है। जैसे घर में विवाह होने पर दुल्हन को कुलदेवता के दर्शन करवाएं जाते हैं। घर में संतान होने पर बच्चे को कुलदेवता के दर्शन करवाएं जाते हैं। लेकिन कुछ लोग रोजाना कुलदेवता की पूजा करते हैं। अगर आप भी कुलदेवता के यहां दर्शन करने जा रहे हैं या उनकी रोजाना पूजा करते हैं तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। जानिए आपको क्या करना है और क्या नहीं। घर में पूजा करने का अर्थ है घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना। ऐसा माना जाता है कि पूजा करने से ना सिर्फ मन को शांति मिलती है बल्कि घर का वातावरण भी अच्छा रहता है। क्या आप जानते हैं अपने ईष्ट देव को याद करने के अलावा आपको अपने कुलदेवता की भी पूजा करनी चाहिए। घर में कुलदेवता और कुलदेवी की पूजा करने से शांति का माहौल रहता है।

कुलदेवता की पूजा करते समय शुद्ध देसी घी का दीया, धूप, अगरबत्ती, चंदन और कपूर तो जलाना ही चाहिए साथ ही कुलदेवता को रोजाना स्नान भी करवाना चाहिए और प्रसाद स्वरूप भोग भी लगाना चाहिए।

कुलदेवता को चंदन और चावल का टीका अर्पण करते समय ध्यान रखें की टूटे हुए या खंडित चावल ना हो, कुलदेवता को हल्दी में लिपटे पीले चावल पानी में भिगोकर अर्पण करना शुभ माना जाता है।

पूजा के समय पान के पत्ते का बहुत महत्व है। यदि आप पान का पत्ता अर्पित कर रहे हैं तो साथ में सुपारी, लौंग, इलायची और गुलकंद भी अर्पण करना चाहिए। इससे कुलदेवता प्रसन्न होते हैं।

कुलदेवता और देवी को पुष्प भी चढ़ाना चाहिए लेकिन पुष्प चढ़ाते हुए आपको इन्हें पानी में अच्छी तरह से धोना चाहिए।

सभी देवी-देवताओं की पूजा जिस तरह सुबह-शाम की जाती है, उसी तरह कुलदेवी और देवता की पूजा भी दीपक जलाकर सुबह-शाम करनी चाहिए। रोजाना घर में दीपक जलाने से आप घर के वास्तुदोष को भी दूर कर सकते हैं।

आप आसन लगाकर शांत मन से कुलदेवता का ध्यान करें। ध्यान रहें, आप जिस आसन पर बैठे हैं उसका सम्मान करें और पैर से आसन को ना खिसकाएं बल्कि हाथ से ही आसन उठाकर रखें।

यदि आपके घर में कुलदेवी या देवता की तस्वीर नहीं है तो सुपारी को पान के पत्‍ते में बांधकर उसके ऊपर मौली बांधकर कुलदेवता का स्मरण करते हुए लौंग लगानी चाहिए और इस पर स्वस्तिक बनाना चाहिए।

पूजा घर में रोजाना कलश में जल रखें और कलश पर स्वस्तिक बनाएं। जल को रोजाना सूर्य देवता को अर्पण करें।

इस तरह आप कुलदेवता या देवी की पूजा करेंगे तो आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।

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