5 साल से छोटे बच्चों में होते हैं कोरोना वायरस

5 साल से छोटे बच्चों में होते हैं कोरोना वायरस

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वॉशिंगटन

5 साल से छोटे बच्चों के नाक में अधिक उम्र के बच्चों या वयस्कों की तुलना में कोरोना वायरस के जैनेटिक मैटेरियल 10 से 100 गुना अधिक होते हैं। इसका मतलब यह है कि छोटे बच्चे समुदाय में संक्रमण का बड़ा वाहक हो सकते हैं। JAMA पीडियाट्रिक्स ने गुरुवार को एक स्टडी रिपोर्ट में यह बात कही है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन स्कूल और डेकेयर खोलने पर जोर दे रहा है। शोधकर्ताओं ने 23 मार्च से 27 अप्रैल के बीच शिकागो में 145 मरीजों के नोजल स्वैब के जरिए रिसर्च किया, जिनमें एक सप्ताह से लक्षण थे। मरीजों के समूह को तीन हिस्सों में बांटा गया था। 46 बच्चे 5 साल से कम उम्र के थे, 51 बच्चों की उम्र 5 से 17 साल के बीच थी और 48 व्यस्क 18 से 65 साल की उम्र के थे।

एन एंड रोबर्ट एच लूरी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के डॉक्टर टेलर हील्ड सर्जेंट की अगुआई में टीम ने पाया कि छोटे बच्चों के ऊपरी श्वांस नली में SARS-CoV-2 वायरस 10 से 100 गुना तक अधिक थे।” टीम ने रिपोर्ट में यह भी कहा है कि लैंप स्टडी से पाया गया कि जैनेटिक मैटिरियल जितनी अधिक होती है, संक्रमण उतना अधिक फैलता है।

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